इंदौर में बिना फायर NOC शहर में चल रहे कई अस्पताल ; सीएम ने सुरक्षा का इंतजाम बढ़ाने की बात कही

ब्रजेश्वरी एनएक्स में हुए अग्निकांड में आठ लोगों की मौत हो गई है। वहीं बुधवार को कटक के एससीबी मेडिकल कालेज में आग लगने के कारण अस्पताल में भर्ती 12 लोगों की मौत हुई है। कालेज के पास फायर एनओसी नहीं थी। इंदौर में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की बात कही।
वहीं दूसरी ओर शहर के अस्पतालों की जिम्मेदारी निभाने वाला स्वास्थ्य विभाग अब तक जागा नहीं है। विभाग अब तक अपने अधीनस्थ पीसी सेठी अस्पताल की फायर एनओसी नहीं ले पाया है, जबकि नौ वर्ष से अस्पताल संचालित हो रहा है। इसके अलावा शहर में कई निजी अस्पताल भी बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इन पर भी दिखावे की कार्रवाई ही करते नजर आ रहा है।
तीन वर्ष से हो रही बैठक
सीएमएचओ द्वारा तीन वर्ष से निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक की जा रही है। इसमें फायर एनओसी लेने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन काम नहीं होता है। अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं होना यह दर्शाता है कि यदि कोई घटना होती है तो मरीजों को खतरा है।
कलेक्टर को बिना फायर एनओसी के संचालित अस्पतालों की शिकायत
13 मार्च को कलेक्टर और नगर निगम के अधिकारियों के पास शिकायत हुई है। जिसमें बताया गया कि शहर में 11 से अधिक अस्पताल हैं जो कि 50 से अधिक बेड की क्षमता के हैं और बिना फायर सेफ्टी के संचालित हो रहे हैं।
शिकायत में बताया गया कि एमआर-9 स्थित अर्थोस मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल, दुधिया स्थित एसएनएस अस्पताल, उद्योग नगर स्थित मेडीस्टा अस्पताल, न्यू पलासिया स्थित लक्ष्मी मेमोरियल अस्पताल, स्कीम-94 स्थित मयूर अस्पताल, स्कीम-71 स्थित प्रमिला अस्पताल, मांगलिया स्थित आरएन कपूर मेमोरियल अस्पताल, ओल्ड पलासिया स्थित स्कूल आफ एक्सीलेंस फार आई, कनाड़िया स्थित सेवाकुंज अस्पताल, खंडवा रोड स्थित शुभदीप मेडिकल कॉलेज, राऊखेड़ी स्थित सिटी अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं है।





