10वीं-12वीं के छात्रों को तगड़ा झटका; परीक्षा फीस में ₹300 की बढ़ोतरी, करीब 16 लाख छात्र होंगे प्रभावित

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए परीक्षा और नामांकन सहित अन्य शुल्कों में वृद्धि कर दी है। इस निर्णय के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 300 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। पहले यह शुल्क 1200 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।
नामांकन शुल्क में 150 रुपये की वृद्धि की गई है। डुप्लीकेट अंकसूची सहित अन्य शुल्क भी बढ़ाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष प्रदेश में लगभग 16 लाख विद्यार्थी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं। शुल्क वृद्धि से मंडल को करीब 54 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।
बजट का अभाव मंडल की विवशता
मंडल के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें शासन से किसी प्रकार का बजट नहीं मिलता है। बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में प्रत्येक वर्ष लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। अब परीक्षाएं तकनीक आधारित हैं। इसके साथ ही इस वर्ष मूल्यांकन कर्ताओं और पर्यवेक्षकों के मानदेय में 35 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान में वृद्धि भी व्यय बढ़ने का प्रमुख कारण है।
संबल योजना पर 48 करोड़ का व्यय
मंडल के अधिकारियों के अनुसार, संबल योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष लगभग चार लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। इन पर प्रति विद्यार्थी 1200 रुपये खर्च होता है, जिससे कुल 48 करोड़ रुपये का व्यय होता है। यह राशि शासन द्वारा मंडल को नहीं दी जाती, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ जाता है।
पहले भी हो चुकी है वृद्धि
मंडल ने इससे पहले 2018 और 2023 में भी शुल्क बढ़ाया था। वर्ष 2023 में परीक्षा शुल्क 900 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये किया गया था। अब फिर से 1500 रुपये किए जाने से विद्यार्थियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।





