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लाइफस्टाइल

क्या आप भी हैं मोमोज के शौकीन तो हो जाइए होशियार..मोमोज की लत से 10 साल की बच्ची का लिवर फेल

राजधानी के बुराड़ी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 10 वर्षीय बच्ची तान्या को फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन (Fast Food Effects) के कारण गंभीर लिवर फेलियर (Liver Failure) का सामना करना पड़ा। इस स्थिति के चलते उसके दिमाग में सूजन आ गई और याददाश्त कमजोर होने लगी। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।

घर से बाहर खानपान की आदत बनी वजह

परिजनों के अनुसार, माता सावित्री माथुर और उनके पति किशोर दोनों कामकाजी हैं। उनकी अनुपस्थिति में बच्ची अक्सर अपने दादा से पैसे लेकर बाहर से मोमोज, चिप्स जैसे फास्ट फूड खरीदकर खाती थी। शुरुआत में तान्या को छोटी-छोटी बातें भूलने लगीं और लगातार थकान महसूस होती थी।

हालत बिगड़ने पर हुआ खुलासा

समय के साथ उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। पास के अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसे गंभीर पीलिया है और लिवर फेल हो चुका है। विषाक्त पदार्थों के शरीर में बढ़ने से दिमाग में सूजन आ गई थी। इसके बाद उसे यथार्थ अस्पताल, मॉडल टाउन में भर्ती कराया गया।

प्लाज्माफेरेसिस से बची जान

शुरुआत में डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी, लेकिन बाद में प्लाज्माफेरेसिस तकनीक से उपचार किया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेश शर्मा के अनुसार, इस प्रक्रिया में शरीर के दूषित प्लाज्मा को निकालकर शुद्ध प्लाज्मा चढ़ाया जाता है, जिससे लिवर को आराम मिलता है। बच्ची को दो यूनिट प्लाज्मा दिया गया, जिससे उसकी स्थिति में सुधार हुआ और ट्रांसप्लांट की जरूरत टल गई।

बच्चों में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा

डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक, दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण देखे जा रहे हैं। इसके पीछे फास्ट फूड का बढ़ता सेवन, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधियों की कमी प्रमुख कारण हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव की जरूरत

यथार्थ अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अपूर्व पांडे ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 30 से 40 प्रतिशत मरीज फैटी लिवर के होते हैं। उन्होंने बताया कि लोग दिनभर में पर्याप्त पानी नहीं पीते, जबकि शरीर के बेहतर मेटाबॉलिज्म के लिए रोजाना कम से कम ढाई लीटर पानी जरूरी है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। जंक फूड का अधिक सेवन भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। यह मामला अभिभावकों के लिए चेतावनी है कि वे बच्चों की खानपान आदतों पर विशेष निगरानी रखें।

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