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लाइफस्टाइल

यह दोनों खतरनाक चीजे लिवर के लिए हैं सबसे ज्यादा नुकसानदायक

एक समय था जब लिवर की बीमारियों का बड़ा कारण सिर्फ शराब के सेवन तक सीमित था, लेकिन अब जीवनशैली में बदलाव भी शराब के समान ही लिवर से जुड़ी बीमारियों के लिए जिम्मेदार है। यही कारण है कि लिवर ट्रांसप्लांट भी हर वर्ष बढ़ते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक एक समय था जब 80 से 90 प्रतिशत लिवर की समस्या उन मरीजों में देखने को मिलती थी जो शराब का सेवन करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा बदल गया है। अब 50 प्रतिशत मरीज शराब का सेवन करने वाले होते हैं और 50 प्रतिशत मरीज बिगड़ती जीवनशैली के होते हैं।

हेपेटाइटिस बी, सी के अलावा अनियंत्रित खानपान, व्यायाम की कमी, सीटिंग जाब आदि के कारण फैटी लिवर की समस्या बढ़ती जा रही है। यदि मरीज समय पर इलाज नहीं करवाते हैं तो लिवर ट्रांसप्लांट की स्थिति बन जाती है।

फैटी लिवर की जांच करवाना चाहिए

40 वर्ष के बाद सभी लोगों को वर्ष में एक बार फैटी लिवर की जांच करवाना चाहिए। क्योंकि यह साइलेंट किलर है, इसके लक्षण नहीं आते हैं। प्रारंभिक स्टेज में बीमारी का पता लगने से लिवर सिरोसिस की स्थिति से बचा जा सकता है। अस्पताल में लिवर संबंधित बीमारियों के आने वाले मरीजों में 20 से 30 प्रतिशत युवा मरीज होते हैं।

100 में से 40 लोगों को फैटी लिवर

विशेषज्ञों के मुताबिक एक स्टडी में सामने आया है कि 100 में से 40 लोगों को फैटी लिवर की समस्या होती है। वहीं, मधुमेह पीड़ित मरीजों में 100 में से 60 लोगों को यह समस्या होती है। फैटी लिवर के कारण हृदय और कैंसर की बीमारियां होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

शासकीय अस्पतालों में हर महीने आ रहे फैटी लिवर के 200 मरीज

एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े एमवाय और सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की ओपीडी में हर माह 200 मरीज फैटी लिवर के आते हैं। यहां पेट से संबंधित समस्या के लिए आने वाले 40 प्रतिशत मरीज फैटी लिवर के होते हैं। हर वर्ष करीब 500 मरीज लिवर सिरोसिस के भर्ती होते हैं।

इसमें पेट में पानी भरना, खून की उल्टी होना, लिवर फेल होना आदि समस्या होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक लिवर सिरोसिस (लिवर फेलियर) का बड़ा कारण मोटापा भी है। मोटापे पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।

लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले मुख्य कारण

• अधिक मात्रा में शराब का सेवन

• जंक फूड और अत्यधिक तेल-मसाले वाला भोजन

• मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता

• हेपेटाइटिस ए, बी, सी जैसी वायरल बीमारियां

• बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेना

• दूषित पानी और अनियंत्रित भोजन

ऐसे रखें लिवर को स्वस्थ

• संतुलित और पौष्टिक आहार लें।

• ताजे फल, सब्जियां और फाइबर युक्त चीजें खाएं।

• रोजाना व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।

• शराब और धूमपान से दूरी बनाएं।

• साफ-सफाई का ध्यान रखें।

• हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाएं।

• नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं।

लिवर संबंधित बीमारी के लक्षण

• अकसर पेट दर्द और सूजन बने रहना।

• पेशाब के रंग में गाढ़ा पीलापन बने रहना।

• थकावट और कमजोरी महसूस होना।

• बार-बार उल्टी आना।

• भूख न लगना और पाचन ठीक न रहना।

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