10 साल बाद पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत, विभागों ने तैयारियां तेज कीं
पद निर्धारण को लेकर 29 जून को सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि भोपाल। प्रदेश में दस साल बाद एक बार फिर पदोन्नति को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के पदोन्नति नियम 2025 पर कोई स्थगन न होने के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों को पदोन्नति देने की तैयारी करने संबंधी निर्देश के बाद विभागों में पुरानी फाइलें खुल गईं। दिनभर विभागीय अधिकारी इस तैयारी में लगे रहे कि यदि विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक जल्द करनी पड़ी तो क्या-क्या करना होगा। उधर, सामान्य प्रशासन विभाग ने पदोन्नति के लिए पद निर्धारित करने 29 जून को सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। उल्लेखनीय है कि पदोन्नति नियम 2025 को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर में सुनवाई पूरी हो चुकी है और निर्णय सुरक्षित रखा गया है। मई 2016 में हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त किया था। चूंकि सरकार किसी कर्मचारी को पदावनत नहीं करना चाहती थी, इसलिए निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। वहां प्रकरण विचाराधीन रहने के दौरान मोहन सरकार ने 2025 में नए नियम बनाए और उन्हें लागू भी कर दिया। इसमें फिर कुछ ऐसे प्रविधान किए गए, जिससे अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के पद मारे जा रहे थे। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए तो आरक्षण के अनुसार 36 प्रतिशत रखे गए, मगर अनारक्षित वर्ग के पदों पर भी इन्हें मेरिट के आधार पर आने का अवसर दिया गया। इसे लेकर ही पूर्व के नियम में आपत्ति थी।
उल्लेखनीय है कि पदोन्नति नियम 2025 को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर में सुनवाई पूरी हो चुकी है और निर्णय सुरक्षित रखा गया है। मई 2016 में हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त किया था। चूंकि सरकार किसी कर्मचारी को पदावनत नहीं करना चाहती थी, इसलिए निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। वहां प्रकरण विचाराधीन रहने के दौरान मोहन सरकार ने 2025 में नए नियम बनाए और उन्हें लागू भी कर दिया। इसमें फिर कुछ ऐसे प्रविधान किए गए, जिससे अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के पद मारे जा रहे थे। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए तो आरक्षण के अनुसार 36 प्रतिशत रखे गए, मगर अनारक्षित वर्ग के पदों पर भी इन्हें मेरिट के आधार पर आने का अवसर दिया गया। इसे लेकर ही पूर्व के नियम में आपत्ति थी। आरक्षित वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों के पदों की गणना विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक से पहले होगी। यदि किसी संवर्ग में आरक्षण कम करने का निर्णय लिया जाता है तो ऐसे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति के अनुमोदन से ही यह किया जा सकेगा। एक बार जो आरक्षण निर्धारित हो जाएगा, वह पांच वर्ष तक रहेगा। पदोन्नति के लिए प्रत्येक संवर्ग में पद कैसे निर्धारित किए जाने हैं, इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग 29 जून को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव के साथ बैठक करेगा।





