
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि | राजस्थान के भरतपुर में अंधविश्वास और तंत्र-विद्या के संदेह में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। सेवर थाना क्षेत्र के सेक्टर-13 में हुई 65 वर्षीय बुजुर्ग कालीचरण की हत्या के इस ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी को यह पक्का विश्वास था कि उसके बीमार बेटे पर कालीचरण ने कोई तांत्रिक क्रिया (टोना-टोटका) कर रखी है, जिसके कारण वह ठीक नहीं हो पा रहा था। इसी भ्रम के चलते उसने अपने ही रिश्तेदार की हत्या की पूरी साजिश रच डाली। पुलिस के अनुसार, यह घटना 24 जून की है। जब पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि सेक्टर-13 के एक सुनसान प्लॉटिंग एरिया में, नाले के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही सेवर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जब शव की बारीकी से जांच की गई, तो उसकी पहचान लालबाग, बयाना निवासी कालीचरण (65) के रूप में हुई। मृतक के शरीर पर गोली लगने के गहरे निशान थे, जिससे यह साफ हो गया कि मामला हत्या का है।
इसके बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि मृतक कालीचरण तंत्र-विद्या के माध्यम से लोगों का इलाज करने का दावा करता था। वह इस मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार उर्फ राजू के परिवार का भी पहले तांत्रिक उपचार कर चुका था। कुछ समय बाद, राजकुमार का बेटा सत्यम अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गया। राजकुमार ने अपने बेटे का डॉक्टरों से काफी इलाज कराया, लेकिन चिकित्सकों को उसकी बीमारी का कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा था।तय साजिश के मुताबिक, 24 जून को मुख्य आरोपी राजकुमार ने कालीचरण को सेक्टर-13 में एक प्लॉट दिखाने के बहाने बुलाया। जैसे ही कालीचरण वहां पहुंचा, राजकुमार उसे वहां पहले से घात लगाकर बैठे अपने साले श्रीकृष्ण और वीरेंद्र सिंह के पास छोड़कर चला गया। इसके बाद सुनसान जगह पाकर श्रीकृष्ण और वीरेंद्र ने कालीचरण पर अवैध हथियार से गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपी शव को नाले के पास झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।





