नदियों में तेज बहाव के चलते पुल-पुलियां जलमग्न हो रहे, बावजूद लोग जान जोखिम में डाल रहे
कहीं बाढ़ के पानी से बस निकली, तो कहीं ग्रामीण

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, खरगोन। जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जिले में लगातार तेज वर्षा हो रही है। बेहतर वर्षा के बाद कई नदी-नाले उफान पर है। नदियों में तेज बहाव के चलते पुल-पुलियां जलमग्न हो रहे हैं। पुल-पुलिया पर बाढ़ का पानी बहने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर न केवल नदी, पुल-पुलियां पार कर रहे बल्कि यात्री वाहन भी खतरे को नजर अंदाज कर रहे है। जिले के पहाड़ी अंचल के अलग-अलग इलाकों से ऐसी ही डरावनी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिसमें ग्रामीण तेज बहाव के बीच नदी पार कर रहे है, वहीं यात्री बस भी पुलिया पर बाढ़ के बीच नदी पार करते नजर आ रही है। वहीं कागजों पर जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद कहीं भी सुरक्षा से जुड़े कुछ भी इंतजाम सामने नहीं आ रहे हैं।
बुधवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर वीडियो सामने आया, जिसमें भगवानपुरा क्षेत्र में यात्री बस तेज बहाव वाली पुलिया से गुजरती दिख रही है। पुलिया से गुजरती बस खरगोन से सिरवेल के बीच चलती है। चालक की इस लापरवाही से यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। वहीं एक अन्य वीडियो में भगवानपुरा क्षेत्र में ही एक व्यक्ति बाढ़ का पानी होने के बावजूद पैदल पुलिया पार करता हुआ दिखाई दे रहा है। ये वीडियो स्थानीय लोगों की मजबूरी और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हैं।
खरगोन-कसरावदजिला मुख्यालय पर दिनभर तेज धूप व उमस के बाद बुधवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे से वर्षा शुरू हुई। इसके पूर्व शाम को जिले के कसरावद सहित आसपास के क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा हुई। तेज वर्षा के चलते सड़कों और नालों में पानी बह निकला, जबकि कई स्थानों पर कुछ देर के लिए जलभराव की स्थिति भी बनी रही। कसरावद में शाम करीब पांच बजे शुरू हुई वर्षा ने मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया। वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। क्षेत्र में बोवनी के बाद फसलों को पानी की सख्त जरूरत थी, ऐसे में समय पर हुई वर्षा को खेती के लिए लाभदायक माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्षा से सोयाबीन, मक्का, कपास सहित अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। वर्षा के दौरान बाजार क्षेत्र में लोगों ने दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े होकर बचाव किया, वहीं बच्चे बारिश का आनंद लेते नजर आए। मौसम में ठंडक घुलने से लोगों ने भी राहत महसूस की।





