63 मिमी वर्षा ने नगर निगम की मानसून आने की तैयारियाें के दावों पर फेरा पानी
सिर्फ इतनी वर्षा में शहर चौराहे जलमग्न हुए और सड़क पर खड़े वाहन ही नहीं दो युवक भी बह

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में बुधवार को 63 मिमी हुई वर्षा नगर निगम की मानसून की तैयारियाें के दावों पर पानी फेर दिया। सिर्फ इतनी वर्षा में शहर चौराहे जलमग्न हुए और सड़क पर खड़े वाहन ही नहीं दो युवक भी बह गए। हल्ला मचा तो कलेक्टर व सभी अफसरों को प्रबंधन की याद आई और संयुक्त टीमें गठित करने योजना बनाई गई। इससे स्पष्ट है नगर निगम व प्रशासनिक अफसरों की जल जमाव व ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पूर्व कोई तैयारी ही नहीं थी। बुधववार को हुई वर्षा ने पिछले दो माह से नाला और स्टार्म वाटर लाइन सफाई अभियान के नाम पर मच रहे हल्ले की पोल खोल दी। नगर निगम पिछले आठ साल से शहर में स्टार्म वाटर लाइनें बिछा रहा है।
कलेक्टर ने कहा सड़क निर्माण एजेंसियों सड़कों पर मौजूद गड्ढों में पैचवर्क, डामरीकरण एवं सड़क मरम्मत पूरा करने को कहा ताकि गडढ़ों एवं जल भराव की समस्यां न हो। इन कार्यों की नियमित मानिटरिंग एवं फालोअप भी किया जाए। जहां भी पानी भरने की समस्या हो, वहां तत्काल पंप लगाकर पानी की निकासी करे। बुधवार को जलजमाव और ट्रैफिक जाम में जनता परेशान हुई तो इंदौर से भोपाल तक इसका हल्ला मचा। इसके बाद कलेक्टर ने गुरुवार को सभी विभागों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने सभी अफसरों को यह निर्देश दिए कि बुधवार की तरह पुन: स्थितियां न बने इसके लिए सभी अधिकारी मुस्तैदी से काम करे। लापरवाही पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों व एजेंसी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के संयुक्त दल बनाए जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी नालों, चैनलों, तालाबों के आसपास तथा जलभराव वाले स्थलों की साफ-सफाई तत्काल की जाए ताकि जलभराव व ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने ।
इसके बाद बाद भी अभी तक शहर की 90 प्रतिशत से ज्यादा सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन ही नहीं है। स्टार्म वाटर लाइन बिछाने और इनके रखरखाव पर हर साल 40 करोड़ से ज्यादा खर्च नगर निगम करता है। इसके बाद भी हर वर्षाकाल में शहर डूबता है। शहर के 150 से ज्यादा चौराहों पर घंटों घुटने-घुटने पानी जमा रहा। वर्षा के दौरान देर रात तक चौराहों पर लगी वाहनों की कतार व ट्रैफिक जाम में शहरवासी घंटों तक बंधक रहे।





