वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो पैरा ही गाएगी कांग्रेस:CWC बैठक में फैसला
वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे

कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी 1937 में हुई (CWC) की बैठक में लिए गए फैसले का पालन करेगी। इसके तहत पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे।
नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं।
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम पर कांग्रेसी नेताओं के व्यवहार को लेकर विवाद हो है। भाजपा का आरोप है कि गीत के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष ने गीत रुकवाने की कोशिश की थी।
वेणुगोपाल ने कहा- बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ-साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर भी मंथन हुआ।
हमारा ध्यान तीन-चार मुद्दों पर है। पहला मुद्दा पेपर लीक का है। देश के लोगों ने इसके खिलाफ जो आंदोलन किया और सरकार ने जिस तरह उस आंदोलन से निपटा, उस पर चर्चा हुई।
साथ ही CWC ने माना कि संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लिए सफल रहा और केंद्र सरकार बैकफुट पर रही।
छात्रों के लिए 800 शहरों में की जाएंगी सभाएं: वेणुगोपाल
वेणुगोपाल ने कहा- चंदा चोरी देश के लोगों के बीच चिंता का गंभीर मुद्दा है। यह लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला है। जिन्होंने लोगों को बांटने के लिए राम मंदिर का इस्तेमाल किया, वे अब बेनकाब हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की मांगें उठाते रहेंगे। इसके तहत 800 शहरों में सभाएं की जाएंगी।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने पार्टी के मुख्यमंत्रियों से शिक्षा विशेषज्ञों के साथ काम करने को कहा है। उनसे शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए रोडमैप तैयार कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।





