चीनी नागरिक को अमेरिका में मिली शरण,अदालत ने माना यदि गुआन को वापस भेजा तो गंभीर खतरे का सामना करना पड़ेगा

न्यूयॉर्क की एक अदालत ने हाल ही में गुआन हेंग नामक एक चीनी नागरिक को अमेरिका में शरण देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 38 साल के गुआन हेंग ने 2021 में अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश किया था। हाल ही में एक निर्वासन अभियान के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया, जिसके बाद उनकी शरण की याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने माना कि यदि गुआन को चीन वापस भेजा गया, तो उन्हें वहां गंभीर उत्पीड़न और शारीरिक खतरे का सामना करना पड़ेगा।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुआन को शरण मिलने का मुख्य आधार उनका वह साहसिक कार्य है जो उन्होंने 2020 में किया था। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर चीन के उन गोपनीय हिरासत केंद्रों (Detention Centers) की फुटेज रिकॉर्ड की थी, जिन्हें चीनी सरकार दुनिया की नजरों से छिपाकर रखती है।
गुआन 2021 में हांगकांग, इक्वाडोर, बहामास होते हुए अवैध तरीके ले नाव से फ्लोरिडा पहुंचा। उसने अमेरिकी कोर्ट में कहा कि वह जानता था कि चीन में रहते हुए ये फुटेज जारी करना सुरक्षित नहीं होगा। अमेरिका पहुंचने से ठीक पहले उन्होंने यह फुटेज सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दी। वीडियो सामने आने के बाद चीनी अधिकारियों ने उनके परिवार को परेशान करना और पूछताछ करना शुरू कर दिया।
अदालत का रुख और नैतिक पक्ष
सुनवाई के दौरान जब जज ने पूछा कि क्या यह सब शरण पाने के लिए किया गया था, तो गुआन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य उइगर मुसलमानों के प्रति सहानुभूति और मानवाधिकारों का हनन दुनिया को दिखाना था।
शिनजियांग प्रांत में लगभग दस लाख उइगर अल्पसंख्यकों को बिना कानूनी प्रक्रिया के कैद रखने और उनके धार्मिक अधिकारों के दमन की खबरें अक्सर आती रहती हैं।
उनके वकील ने तर्क दिया कि ऐसे साहसी व्यक्तियों की रक्षा करना अमेरिका की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। आखिर में अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का फैसला लिया।




