ईरानी सरकार पर चौंकाने वाले आरोप- प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ:गर्भाशय निकाले

ईरानी-जर्मन पत्रकार मिशेल अब्दोल्लाही ने ईरानी सरकार पर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी सुरक्षा बलों ने विरोध करने वाली महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और म्यूटिलेशन (विकलांग करना) को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया ताकि वह लोगों में ज्यादा से ज्यादा डर पैदा कर सके और संघर्ष रुक जाए।
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, अब्दोल्लाही ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिली है। उनके अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं के साथ बलात्कार किया जाता है, उनके गर्भाशय निकाल दिए जाते हैं, सिर की खाल उनके बालों सहित उतार दी जाती है और शरीर पर सिगरेट के जलने के निशान छोड़ दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के शव बहुत कम या बिल्कुल नहीं लौटाए जाते क्योंकि शासन उन्हें पहले जला देता है ताकि यातना के निशान छिप जाएं। अब्दोल्लाही ने आरोप लगाया कि ईरान का इस्लामिक गणराज्य, खामेनेई के नेतृत्व में अपने लोगों के खिलाफ बलात्कार को हथियार बनाता है। यहां तक कि बच्चों के साथ भी ऐसी ही हिंसा की जा रही है।
जर्मन अखबार डाई वेल्ट ने भी प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से ऐसी ही घटनाओं की रिपोर्ट की है। एक गवाह ने बताया कि अधिकारियों ने घायल महिलाओं को कूड़े के ढेर की तरह गाड़ियों में लोड किया और कहा, “हम तुम्हें अभी नहीं मारेंगे। पहले बलात्कार करेंगे, फिर मारेंगे।”
इसके अलावा, ईरान में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को जबरन नग्न किया गया और अज्ञात पदार्थों के इंजेक्शन दिए गए। द गार्जियन अखबार ने भी केरमानशाह शहर में 16 साल की एक लड़की सहित कई प्रदर्शनकारियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना रिपोर्ट की, जहां सुरक्षा बलों ने डंडो से उनके शरीर को गलत तरीके से छुआ और बुरी तरह पीटा।
ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा 15 जनवरी तक चली थी। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं। इनमें 5000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी।
यह हिंसा महंगाई के खिलाफ भड़की थी। ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत इतिहास में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 1,455,000 से 1,457,000 रियाल (ओपन मार्केट रेट) हो गई।




