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देश में चाइनीज स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी 6 साल में सबसे कम हुई, 45% घटी 15000 रुपए से सस्ते फोन की बिक्री

देश के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में एक खास ट्रेंड देखा गया। चाइनीज ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटकर छह साल के निचले स्तर (18% तक) पर आ गई। दूसरी तरफ सैमसंग, नथिंग और गूगल पिक्सल जैसी कंपनियों ने बिक्री में तेज ग्रोथ दिखाई।

रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की कुल बिक्री सालाना आधार पर 10% घटी, जो बीते छह साल में जून-तिमाही की सबसे तेज गिरावट है। सबसे ज्यादा असर 15,000 रुपए से सस्ते फोन पड़ा, जिनकी बिक्री 45% घट गई। गिरावट की बड़ी वजह मेमोरी चिप (डेटा स्टोर करने वाला पुर्जा) की कीमतों में उछाल रही, जिसके चलते ज्यादातर कंपनियों ने फोन के दाम करीब 15% तक बढ़ा दिए।

आउटलुक : पूरे साल में 13% घट सकती है बिक्री

सितंबर, 2025 से अब तक स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप की कीमतें करीब 4 गुना बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से अप्रैल-जून में स्मार्टफोन के औसत दाम करीब 15% बढ़ गए। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आगामी महीनों में इनके दाम 5 गुना तक बढ़ जाएंगे। इसे देखते हुए काउंटरपॉइंट का अंदाजा है कि इस साल स्मार्टफोन की कुल बिक्री 13% घट सकती है।

ट्रेंड : देश के टॉप-5 ब्रांड्स में सिर्फ सैमसंग की बिक्री 2% बढ़ी, नए ब्रांड नथिंग की 105%, गूगल पिक्सल की 68%

ओपो, वीवो, शाओमी, रियलमी, वनप्लस, आईक्यू और पोको जैसे चाइनीज ब्रांड्स का बड़ा कारोबार सस्ते फोन पर टिका है। यही वजह रही कि दाम बढ़ने से इनकी बाजार हिस्सेदारी 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई। बिक्री के लिहाज से टॉप-5 ब्रांड्स में सैमसंग इकलौती कंपनी रही, जिसकी बिक्री 2 फीसदी बढ़ी। गैलेक्सी ए और एस सीरीज की मजबूत मांग देखी गई।

नथिंग सबसे तेज बढ़ने वाला ब्रांड रहा। इसकी बिक्री में 105 फीसदी उछाल आया। प्रीमियम सेगमेंट में गूगल पिक्सल ने आक्रामक मार्केटिंग और स्थिर कीमतों के दम पर 68 फीसदी ग्रोथ दिखाई।

 

 

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