धार बस हादसा: रवाना होने के 10 मिनट में ही आग का गोला बनी सवारियों से भरी बस, मची चीख-पुकार
दो के पैर में फ्रैक्चर, चार को हल्की चोट

सरदारपुर (धार) | दाहोद के पास होटल पर चार घंटे तक बस में तकनीकी काम कराया गया। काम पूरा होने के बाद बस सूरत से कानपुर के लिए रवाना हुई, जो सरदारपुर के भोपावर चौकड़ी के पास पहुंचते ही इंजन गर्म होने की आशंका के बीच बस से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते पांच से 10 मिनट में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।बस के अंदर बैठे 50 से 55 यात्रियों के सामने जान बचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। कुछ यात्री दरवाजे से निकले तो कई ने खिड़कियों के कांच तोड़े और चलती आग से घिरी बस से कूदकर जान बचाई। चालक बस रोककर मौके से फरार हो गया। चार घंटे पहले तकनीकी काम कराने के बाद आखिर ऐसी क्या गड़बड़ी हुई कि बस इतनी तेजी से आग की चपेट में आ गई, ये अब जांच का विषय है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब 1:10 बजे सूरत से कानपुर जा रही बस क्रमांक यूपी 83 बीटी 3947 सरदारपुर के भोपावर चौकी से कुछ दूरी पर पहुंची थी। बस से धुआं निकलते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई। आग की लपटें बढ़ने में ज्यादा समय नहीं लगा। हादसे में अभय (20) निवासी कानपुर और कमलेश (29) निवासी नाहापुर, उत्तर प्रदेश के पैर में फ्रैक्चर हुआ। जयकांत (17), रामु (30), निशु (18) और राजा (18) को हल्की चोट आई। सभी छह यात्रियों को एंबुलेंस से सरदारपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
कानपुर निवासी नीलम पाल अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ बस में सफर कर रही थीं। धुआं बढ़ते ही उन्होंने पहले बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और फिर खुद उसी रास्ते से बाहर आईं। उनका बैग बस में ही रह गया, जिसमें नकदी, चांदी की पायजेब, कपड़े और अन्य सामान था। आग में ये सब जल गया। दूसरे यात्रियों के मोबाइल, बैग और कपड़े भी राख हो गए। कानपुर निवासी नीलम पाल अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ बस में सफर कर रही थीं। धुआं बढ़ते ही उन्होंने पहले बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और फिर खुद उसी रास्ते से बाहर आईं। उनका बैग बस में ही रह गया, जिसमें नकदी, चांदी की पायजेब, कपड़े और अन्य सामान था। आग में ये सब जल गया। दूसरे यात्रियों के मोबाइल, बैग और कपड़े भी राख हो गए।
थाना प्रभारी अनिल जाधव ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर इंजन गर्म होने से आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि आग की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस बस नंबर के आधार पर उसके मालिक की जानकारी जुटा रही है। बस मालिक उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है। सरदारपुर थाने में फिलहाल किसी यात्री ने प्रकरण दर्ज नहीं कराया है। पुलिस आग लगने के कारण के साथ ही चालक के मौके से भागने की भी जानकारी जुटा रही है। हादसे के बाद इंदौर की ओर जाने वाली यात्री बसों को रुकवाया गया। पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों को उनके गंतव्य के अनुसार अलग-अलग बसों में बैठाकर आगे रवाना कराया। करीब 50 से 55 यात्रियों से भरी बस के पूरी तरह जल जाने से सामान के नुकसान का अभी आकलन नहीं हो पाया है।





