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दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी, नए दाम कल से लागू होंगे

अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बुधवार को दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। दोनों कंपनी के नए दाम गुरुवार (14 मई) से लागू होंगे। अमूल और मदर डेयरी ने दूध के प्रमुख वेरिएंट और पैक पर कीमतें बढ़ाई हैं।

गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मुताबिक, पशु आहार, पैकेजिंग और ईंधन की लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया। अमूल का कहना है कि यह बढ़ोतरी 2.5% से 3.5% के बीच है।

अमूल ने मई 2025 के बाद पहली बार दूध के दाम बढ़ाए हैं। वहीं मदर डेयरी ने इससे पहले दूध की कीमतों में अप्रैल 2025 में बढ़ोतरी की थी।

प्रोडक्शन-ऑपरेशनल खर्च में बढ़ोतरी

को-ऑपरेटिव के मुताबिक, दूध के प्रोडक्शन और ऑपरेशनल खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पशु चारे की बढ़ती कीमत और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने की वजह से समय-समय पर दूध की कीमतों में बदलाव करना पड़ता है। पिछले कुछ सालों में डेयरी इंडस्ट्री पर इनपुट कॉस्ट का दबाव काफी बढ़ गया है।

मई 2025 में 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े थे दाम

इससे पहले 1 मई 2025 को गुजरात और अन्य राज्यों में सभी प्रकार के अमूल दूध की कीमत में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं इससे पहले 4 जून 2024 को भी सभी वेरिएंट के दाम बढ़ाए गए थे, तब भी दाम में 2 रुपए प्रति लीटर तक की ही बढ़ोतरी की गई थी।

अमूल का मॉडल तीन लेवल पर काम करता है:

1. डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी

2. डिस्ट्रिक्ट मिल्क यूनियन

3. स्टेट मिल्क फेडरेशन

• दूध का उत्पादन करने वाले गांव के सभी किसान डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी के मेंबर होते हैं। ये मेंबर रिप्रजेंटेटिव्स को चुनते हैं जो मिलकर डिस्ट्रिक्ट मिल्क यूनियन को मैनेज करते हैं।

• डिस्ट्रिक्ट यूनियन मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग करती है। प्रोसेसिंग के बाद इन प्रोडक्ट्स को गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड डिस्ट्रीब्यूटर की तरह काम कर मार्केट तक पहुंचाता है।

• सप्लाई चेन को मैनेज करने के लिए प्रोफेशनल्स को हायर किया जाता है। दूध के कलेक्शन, प्रोसेसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में डायरेक्ट-इनडायरेक्ट रूप से करीब 15 लाख लोगों को रोजगार मिलता है।

• अमूल का मॉडल बिजनेस स्कूल्स में केस स्टडी बन गया है। इस मॉडल में डेयरी किसानों के कंट्रोल में रहती है। यह मॉडल दिखाता है कि कैसे प्रॉफिट पिरामिड के सबसे निचले हिस्से तक पहुंचता है।

 

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