मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम की व्यवस्था में गंभीर चूक
सैंपल जांच रिपोर्ट में पानी अत्यधिक गंदा और मटमैला पाया गया

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, शाजापुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में वीआईपी और हेलीकॉप्टर के क्रू मेंबर को गंदा और मटमैला पानी पिलाना शाजापुर के आबकारी अधिकारी को भारी पड़ गया। उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने इसे व्यवस्था में गंभीर चूक मानते हुए आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को नोटिस जारी किया है। हालांकि रंगशाही ने इस कार्रवाई को उनके खिलाफ प्रायोजित साजिश बताया है। उन्होंने नोटिस का जवाब देने के लिए संभागायुक्त कार्यालय से लैब की जांच रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही दूसरे विभाग के उत्तरदायित्व सौंपे जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पोलायकलां तहसील क्षेत्र में 30 अप्रैल को वेयर हाउस का निरीक्षण किया था। इसके बाद एक धार्मिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को हेलीपैड व्यवस्था, क्रू मेंबर और वीआईपी के भोजन पानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सैंपल जांच रिपोर्ट में पानी अत्यधिक गंदा व मटमैला पाया गया। पानी की गुणवत्ता पर भोपाल स्तर से भी आपत्ति ली गई। सैंपल जांच रिपोर्ट हाई टर्बिडिटी पाई गई। 18 मई को संभागायुक्त ने नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा। उल्लेखनीय है कि रंगशाही पर सितंबर-अक्टूबर 2025 में सीएम दौरे के दौरान हेलीकॉप्टर में फूड बास्केट नहीं रखने और ड्यूटी में चूक के आरोप लगे थे। तब भी उन्हें नोटिस दिया गया था। फिर भी उन्हें वीआईपी के लिए वहीं काम करने की जिम्मेदारी दी गई। इसमें उन्होंने लापरवाही की थी।





