कविता दक्षिणामूर्ति की दहेज हत्या पर हाई कोर्ट में याचिका लगी
पांच मिनट का रास्ता तय करने में दो घंटे 39 मिनट में कैसे लगे।

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, जबलपुर। त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत की तरह का ही मामला जबलपुर में सामने आया है। जबलपुर में विधि स्नातक कविता दक्षिणामूर्ति की भी दहेज हत्या के आरोप का मामला चर्चा में है। हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पीड़ित परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग की गई। मामले में शीघ्र सुनवाई संभावित है। इससे पूर्व एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग लेकर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दीपा पाल की अदालत में दायर परिवाद पर राहत नहीं मिली थी। लिहाजा, कविता के पिता ने अपर सत्र न्यायालय में रिवीजन दायर कर दी थी। उस पर सुनवाई, तीन जून को नियत थी, लेकिन कोर्ट न बैठने से सुनवाई टल गई थी।
अधिवक्ता मनीष वर्मा व अन्य ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर के आर्मी एरिया में कविता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। इसके बाद से कविता के पिता चेन्नई निवासी पी.दक्षिणामूर्ति न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है कि सदर स्थित जैक आरआरसी के मेस में जिस स्थान पर कविता बाथरूम में गिरी थी, उस स्थान से मिलिट्री अस्पताल की दूरी महज पांच मिनट की थी, किंतु कविता को अस्पताल पहुंचाने में दो घंटे 39 मिनट लग गए। दूसरे दिन कविता की मौत हो गई। इस मामले में गोराबाजार पुलिस ने एक साल बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की है। कविता के पिता ने इस पर सवाल उठाए हैं।





