
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 472 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।
इस बीच नेपाल सरकार ने भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से भेजी गई विदेशी रेस्क्यू टीमों की पेशकश ठुकरा दी है। सरकार का कहना है कि नेपाल की सेना और पुलिस खुद राहत-बचाव अभियान संभालने में सक्षम हैं।
नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, 2015 के भूकंप के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी रेस्क्यू टीमों के आने से बचाव अभियान के तालमेल में दिक्कतें आई थीं। इसी को देखते हुए इस बार विदेशी टीमों की जगह आर्थिक मदद लेने का फैसला किया गया है।
तबाही के आंकड़े
नेपाल में 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 977 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।
तिब्बत में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 558 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।





