
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि छत्तीसगढ़/ रायपुर। चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग केस की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी गई है। इस मामले की जांच के लिए एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), दो निरीक्षक सहित पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। एसआईटी आपराधिक नेटवर्क और ड्रग सिंडिकेट की परतें खोलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में कथित अवैध कमाई और मनी ट्रेल की अलग से जांच कर रहा है। ऐसे में अब यह मामला केवल ड्रग की बरामदगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके आर्थिक और संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं की भी गहन पड़ताल होगी।
यह मामला 23 अगस्त 2025 को सामने आया था, जब रायपुर पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया। जांच में आरोप लगा कि नव्या रायपुर की हाइप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में एमडीएमए की सप्लाई करती थी और कई आयोजनों में स्वयं मौजूद रहकर ड्रग उपलब्ध कराती थी। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, ड्रग तस्करी का पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित मोनू बिश्नोई से कई लोगों तक ड्रग पहुंची थी। चार्जशीट में ऋषिराज टंडन, विधि अग्रवाल समेत अन्य लोगों को ड्रग की सप्लाई का उल्लेख है। वहीं मोहित ईशरानी द्वारा ड्रग की सप्लाई के एवज में भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी





