
पितृ पक्ष के दौरान कुछ काम वर्जित माने जाते हैं। माना जाता है कि कुछ गलत काम करने से आपके पितरों को परेशानी हो सकती है। इसलिए पितृ पक्ष के इन 16 दिनों में अपने पितरों को खुश करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। आइए इन नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का खास महत्व है। यह अपने पितरों को याद करने और उनसे आध्यात्मिक शक्ति से जुड़ने का सबसे पवित्र समय है। कहा जाता है कि इन 16 दिनों में आपके पितरों सूक्ष्म रूप में आपको आशीर्वाद देने आपके दरवाज़े पर आते हैं। ऐसे में अपने पितरों को खुश करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पितृ पक्ष के दौरान कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
जानबूझकर या अनजाने में की गई कुछ गलतियां आपके पितरों को नाराज़ कर सकती हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि पितृ पक्ष का मुख्य मकसद पॉजिटिव एनर्जी और शास्त्रों के अनुसार काम करके अपने पितरों को खुश करना है। ऐसे में आइए डिटेल में जानते हैं कि पितृ पक्ष के नियम क्या हैं और इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
पितृ पक्ष में क्या नहीं करना चाहिए?
• पितृ पक्ष के दौरान कुछ काम मना माने जाते हैं। इन 16 दिनों में शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन वगैरह मना हैं। साथ ही, नई चीजें जैसे कार, जमीन वगैरह खरीदना भी मना है।
• पितृ पक्ष के दौरान आपको तामसिक खाना जैसे मांस, शराब, लहसुन, प्याज वगैरह नहीं खाना चाहिए। इससे पितृ पक्ष के दौरान आपके पितरों को गुस्सा आ सकता है और आपको इसका दोष लगने की संभावना है।
• पितृ पक्ष के दौरान आपको किसी भी लाचार गरीब व्यक्ति, जानवर या बुजुर्ग व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए जो गलती से आपके घर आ जाएं। ये चीजें पितरों को ज्यादा परेशान करती हैं।
• घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में किसी भी तरह का कचरा या गंदगी न रखें। इस कोने को हमेशा साफ और खाली रखना चाहिए।





