9 या 10 इस बार कितने दिनों के होंगे नवरात्र,उज्जैन के पंचांग की गणना ने स्पष्ट कर दी स्थिति

शारदीय नवरात्रि नौ दिन की होगी या दस दिन की, इसे लेकर बहुत भ्रम फैला है। सप्तमी तिथि के दो दिन होने और दुर्गाष्टमी और महानवमी का एक ही दिन पूजन होने से भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में उज्जैन के पंचांग की गणना ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके अनुसार, किसी तिथि का क्षय नहीं होने से नवरात्रि नौ दिन चलेगी। 11 अक्टूबर को पर्व शुरू होगा। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार सप्तमी पूजन में मुहूर्त के आधार पर अंतर रहेगा। नवरात्रि के दौरान तीन विशेष सिद्धि योग भी बनेंगे।
पंचांगीय गणना में एक तिथि 60 घटी यानी 24 घंटे तक
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला बताते हैं कि पंचांगीय गणना में एक तिथि 60 घटी यानी 24 घंटे तक रहने से उसका प्रभाव दो दिन के पूजन क्रम में दिखेगा। ऐसा विशेष योग सामान्यत: 4-5 वर्ष में एक बार बनता है।
चित्रा नक्षत्र में शुरू होगी
नवरात्रि रविवार को चित्रा नक्षत्र में शुरू होगी। यह नक्षत्र शुभता में इजाफा करेगा। श्रीमद् देवी भागवत की मान्यता के अनुसार रविवार को नवरात्र आरंभ होने पर देवी का वाहन हाथी माना जाता है। धार्मिक मान्यता में हाथी को सुख-समृद्धि, स्थायित्व और वैभव का प्रतीक माना गया है।
तीन विशेष सिद्धि योग:
पंडित अमर डब्बावाला के अनुसार इस बार नवरात्रि में कई विशेष सिद्धि योग बन रहे हैं। 14 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि पर अमृत सिद्धि योग रहेगा। इसी प्रकार नवरात्रि के दौरान 18 अक्टूबर को सप्तमी तिथि पर और 19 को महाअष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसके अलावा नवरात्रि के दौरान दो रवि योग भी बनेंगे।
अष्टमी/नवमी: 19 अक्टूबर प्रात:काल में अष्टमी पूजन, मध्याह्न (दोपहर) पश्चात नवमी पूजन एवं पूर्णाहुति
सप्तमी: 17/18 अक्टूबर: अभिजीत मुहूर्त में पूजन करने वाले 17 को करें। उदयातिथि मानने वाले 18 को पूजन करें।
श्रवण नक्षत्र के कारण 20 को ही दशहरा
श्रवण नक्षत्र के विशेष संयोग और तिथियों के मान के कारण विजयादशमी 20 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी। इसी दिन दोपहर 12 बजे तक महानवमी तिथि रहेगी, जिसके बाद दशमी शुरू होगी। सनातन धर्म में विजयादशमी पर्व अपराह्न काल (दोपहर बाद) में दशमी तिथि और श्रवण नक्षत्र की उपस्थिति में मनाने का विधान है।





