भारतीय छात्र का कारनामा; AI से बनाई नकली मॉडल, ‘ट्रम्प समर्थकों’ को फंसाकर हजारों डॉलर कमाए

8भारत के एक मेडिकल छात्र ने दावा किया है कि उसने एआई की मदद से नकली मॉडल बनाकर हजारों डॉलर कमा लिए। द डेली बीस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक छात्र ने एमिली हार्ट नाम से एक AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर बनाई, जिसे न्यूयॉर्क की 20 साल की नर्स के रूप में पेश किया गया।
इस प्रोफाइल को खासतौर पर कंजरवेटिव विचारधारा वाले यूजर्स को आकर्षित करने के लिए डिजाइन किया गया था। वह रोज AI टूल्स की मदद से तस्वीरें और कंटेंट तैयार कर ऐसे पोस्ट करता था जो कंजरवेटिव विचारों से जुड़े होते थे, जैसे धर्म, गन सपोर्ट, एंटी-इमिग्रेशन और एंटी-वोक मैसेज।
इससे उसका अकाउंट कुछ ही समय में वायरल हो गया और हर पोस्ट पर लाखों व्यूज आने लगे। उसने एक महीने में करीब 10 हजार फॉलोअर्स बना लिए और उसके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचने लगे।
कमाई के लिए इस AI प्रोफाइल का इस्तेमाल सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म पर किया गया, जहां यूजर्स को एक्सक्लूसिव कंटेंट के लिए पैसे देने होते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे हर महीने हजारों डॉलर की कमाई हुई।
मामले में विवाद तब बढ़ा जब छात्र के हवाले से टारगेट ऑडियंस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई। इसके बाद इंस्टाग्राम ने उसके अकाउंट को बंद कर दिया।
छात्र का कहना है कि यह तरीका बहुत आसान था और कंटेंट जल्दी वायरल हो जाता था, खासकर जब वह भड़काऊ (रेज-बेट) पोस्ट करता था। फिलहाल वह अपनी पढ़ाई पर वापस ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जनरेटिव AI के बढ़ते इस्तेमाल से ऐसे फर्जी डिजिटल प्रोफाइल ज्यादा विश्वसनीय दिखने लगे हैं, जिससे लोगों को भ्रमित करना आसान हो गया है।





