hi Hindi en English pa Punjabi ur Urdu

मध्यप्रदेश

Mp हाईकोर्ट ने पूछा – मानपुर थाना प्रभारी को सस्पेंड क्यों किया?? IAS के बयान क्यों नहीं हुए

आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य के फार्म हाउस में जुआ पकड़ने वाले थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिहोरे को निलंबित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में हाई कोर्ट में चल रही याचिका में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने सवाल उठाए कि आईएएस अधिकारी के बयान क्यों नहीं लिए गए थे। जुआ पकड़ने वाले थाना प्रभारी को निलंबित क्यों किया गया।
फार्म हाउस पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज कहां हैं। कोर्ट ने मामले में तर्क सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। गौरतलब है कि 10 और 11 मार्च 2026 की रात पुलिस ने आईएएस अधिकारी, मप्र वित्त निगम की एमडी वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर जुआ खेलते हुए कुछ लोगों को पकड़ा था।
बाद में जब उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की तो उनका मुख्यालय इंदौर से बुरहानपुर कर दिया गया। सोमवार को देर तक सुनवाई चली। कोर्ट ने शासन और पुलिस के जवाब में आईएएस का नाम हटाने और घटनास्थल बदलने के लिए दबाव डालने को लेकर स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने पर सवाल खड़े किए।


अधिकारियों से वारंट लेकर कार्रवाई की फिर सजा क्यों?
कोर्ट ने शासन से पूछा कि टीआई रहे हिहोरे ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इसका क्या मतलब लगाया जाए। कोर्ट ने इस मामले में आईएएस वैद्य के बयान नहीं होने पर भी सवाल खड़े किए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि टीआई पेट्रोलिंग पर थे, सूचना मिली और उन्होंने अधिकारियों से वारंट लेकर कार्रवाई कर जुआ पकड़ा। बावजूद इसके उन्हें सजा क्यों दी गई।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट रवींद्रन ने कोर्ट को बताया कि 15 मार्च को सिमरोल में भी बड़ा जुआ पकड़ा गया था, लेकिन वहां के टीआई पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने शासन से सवाल किया कि जब नियम सभी के लिए एक जैसे हैं तो फिर वहां कार्रवाई क्यों नहीं की। कोर्ट ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

19 − ten =

Check Also
Close