जिम वेयर खरीदते समय रखे सावधानियां, पसीना और बदबू रोकने के लिए हो रहा केमिकल का उपयोग

जिम से आने के बाद अगर आपके हाथ-पैर या जांघों में खुजली होती है और त्वचा लाल पड़ जाती है, तो संभव है कि आप टाइट और सिंथेटिक मैटेरियल वाले एक्टिववेयर पहनते हैं। दरअसल, पालिमर आधारित इन कपड़ों में पसीना और बदबू आसानी से बाहर नहीं निकल पाते, इसलिए आप बिना गीलापन महसूस किए इन्हें पहने रहते हैं। लेकिन क्या आपने सोचा है कि व्यायाम के दौरान निकलने वाला पसीना बाहर न निकलकर जाता कहां है?
हकीकत यह है कि इन कपड़ों की बनावट ऐसी होती है कि वे पसीने और गंध को अपने अंदर ही रोक लेते हैं। साथ ही, ये कपड़े इतने टाइट और शरीर से चिपके होते हैं कि हवा का प्राकृतिक प्रवाह रुक जाता है। नतीजतन, कपड़ों में मौजूद केमिकल्स पसीने के साथ मिलकर त्वचा पर असर डालते हैं और संक्रमण जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
सांस नहीं ले पाते एक्टिववेयर
भारत की गर्म और आर्द्र जलवायु को ध्यान में रखकर ऐसे कपड़े बनाए और पहने जाते हैं, जो पसीने को अपने भीतर सोख लें। हालांकि, लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। भारत में बिकने वाले कई ब्रांड्स इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।
कपड़ों में सूख जाने वाले पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन, स्किन इरिटेशन और रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। खासकर जांघ, कंधे, आर्मपिट और कूल्हों में ज्यादा पसीना आने से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन
पालिमर या सिंथेटिक कपड़ों को लंबे समय तक पहनकर रखने से न केवल संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, बल्कि इससे शरीर में रक्त संचार भी प्रभावित हो सकता है। साथ ही, इन कपड़ों में मौजूद केमिकल्स के लगातार संपर्क में रहने से एंडोक्राइन सिस्टम पर असर पड़ता है, जिससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है।
क्यों पसंद आते हैं ऐसे कपड़े
जिम के ज्यादातर कपड़े प्लास्टिक बेस्ड पालिमर जैसे पालिएस्टर और नायलान से बनाए जाते हैं। इन कपड़ों को स्ट्रेचेबल, पसीना सोखने वाला और दुर्गंध-रोधी बनाने के लिए इनमें खास केमिकल्स मिलाए जाते हैं। ये कपड़े दिखने में स्मार्ट और फिटिंग वाले होते हैं। ऐसे कपड़ों में आप अपने शरीर को देखकर यह समझ पाते हैं कि किस तरह की एक्सरसाइज आपके लिए उपयुक्त है। इसलिए लोग जिम के लिए ऐसे कपड़े पहनना पसंद करते हैं और इनमें व्यायाम करना भी आसान होता है।
एक्सपर्ट की सलाह
फिटनेस एक्सपर्ट मीनल पाठक के अनुसार पहले सूती और ढीले पजामे पहनकर भी लोग जिम चले आते थे, लेकिन बदलते वक्त के साथ लोगों की मानसिकता बदली है। आजकल लोग ‘लुकिंग और फील गुड’ का सोच के साथ एक्टिववेयर खरीदते हैं।
हां, ये सच है कि पालीमार या सिंथेटिक वेयर के नुकसान हैं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इन नुकसानों से बचा जा सकता है। दरअसल, भारतीय मौसम के हिसाब से इस तरह के फैब्रिक जिम के लिए आरामदायक होते हैं, लेकिन इन्हें खरीदने से पहले इन पर लिखे लेबल की जांच कर लें। कोशिश करें कि ब्रीदेबल फैब्रिक वाले एक्टिववेयर ही खरीदें
कैसे चुनें सही कपड़े
• जिम के लिए सूती और ब्रीदेबल कपड़े चुनें।
• टाइट और लंबे समय तक शरीर में चिपके रहने वाले कपड़ों से बचें।
• वर्कआउट के तुरंत बाद कपड़े बदल लें या फिर पसीना सूखने के बाद नहा लें।
• कपड़ों को हर बार धोकर धूप में सुखाकर ही दोबारा पहनें।
• एक ही कपड़े को बार-बार पहनने से परहेज करें, हाइजीन का ध्यान रखें।





