प्रदेश में एक भी नियमित आरटीओ नहीं, आरटीओ और एमवीएसआई के शत-प्रतिशत पद खाली
आरटीओ ने 15 साल बाद तैयार किया काडर रिव्यू का प्रस्ताव, स्वीकृत पदों में 20% बढ़ोतरी का सुझाव

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में वाहनों की संख्या पिछले 15 वर्षों में दोगुनी से अधिक होकर 2.42 करोड़ के पार पहुंच गई है। लेकिन इन वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, परमिट, प्रवर्तन (चेकिंग) और सड़क सुरक्षा की कमान संभालने वाला परिवहन विभाग खुद मैनपावर की भारी कमी से जूझ रहा है सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फील्ड से लेकर दफ्तर तक खाली पड़े पदों ने परिवहन विभाग की कमर तोड़ दी है।
फिटनेस और तकनीकी जांच से जुड़े इस कैडर के सभी 35 पद रिक्त हैं। हालांकि, इनकी पूर्ति के लिए पीएससी द्वारा विज्ञापन जारी किया जा चुका है । एआरटीओ: स्वीकृत 64 पदों में से 23 पद खाली पड़े हैं। प्रधान आरक्षक व वाहन चालक: 120 पदों में से 94 पद रिक्त हैं।
परिवहन विभाग में वर्ष 2011 के बाद से नए पदों का सृजन नहीं किया गया है, जबकि इस दौरान सड़कों पर गाड़ियों का दबाव असाधारण रूप से बढ़ा है। अब नए प्रस्ताव के जरिए विभाग को पुनर्जीवित करने की तैयारी है।






