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बारिश की बेरुखी से सोयाबीन पर संकट

पौधों की बढ़त रुकी, सूखने और पीले पड़ने लगे सोयाबीन के पौधे

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, विदिशा। जिले में एक सप्ताह से अधिक समय से अच्छी बारिश नहीं होने का असर अब खरीफ की सबसे बड़ी फसल सोयाबीन पर दिखने लगा है। खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जमीन सूखने लगी है और पौधों की बढ़त रुक गई है। कई स्थानों पर पौधे पीले पड़ने लगे हैं, जबकि बढ़ते तापमान के कारण कीट प्रकोप का खतरा भी बढ़ गया है। जिले के साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में बोई गई सोयाबीन पर मौसम की यह बेरुखी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। बता दें कि इस साल जिले में तीन लाख 65 हजार क्विंटल में किसानों ने सोयाबीन की बोवनी की है। जून के अंतिम सप्ताह तक पूर्ण हो जाने वाली बोवनी जुलाई माह का एक पखवाड़ा निकलने के बाद भी जारी है। यानि इस साल सोयाबीन की बोवनी करीब 15 दिन की देरी से चल रही है,इधर बारिश नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

नटेरन तहसील के ग्राम सेऊ के किसान रवि धाकड़ का कहना है कि सोयाबीन के पत्ते सूखने लगे हैं और धान तो बुरी तरह से प्रभावित हुई है। ग्यारसपुर के किसान स्वदीप रघुवंशी का कहना है कि इस साल खरीफ की फसल भगवान भरोसे हैं। जहां बारिश हो रही है, वहां फसल ठीक है, लेकिन जहां बारिश नहीं हुई वहां हालात अच्छे नहीं है।

गंजबासौदा तहसील के ग्राम तिलातिली के किसान भगवान सिंह रघुवंशी बताते हैं कि बारिश की कमी के कारण पौधों की ग्रोथ पर असर देखने को मिल रहा है। कहीं-कहीं पत्ते पीले भी दिखाई देने लगे हैं, लेकिन यदि अभी भी चार-पांच दिन में बारिश हो गई तो कोई नुकसान नहीं होगा। गुलाबगंज तहसील के ग्राम खिरिया के किसान विष्णुप्रतापसिंह दांगी का कहना है कि सोयाबीन के पौधे मुरझाने लगे है। जमीन सूखने लगी है और पौधों की बढ़त रुक गई है। हमारे ही खेत में सोयाबीन के पौधे पीले पढ़ने लगे हैं।

जिले में 43 इंच साामान्य बारिश मानी जाती है। इस साल अभी तक मात्र 10 इंच के करीब ही बारिश हुई है, जबकि पिछले साल करीब 18 इंच बारिश हो चुकी थी। सबसे कम बारिश करीब 35 प्रतिशत बारिश पठारी तहसील में हुई है। पिछले साल के मुकाबले विदिशा में 50 प्रतिशत, कुरवाई में 50 प्रतिशत, गुलाबगंज में 50 प्रतिशत, नटेरन में 50 प्रतिशत, शमशाबाद में करीब 40 प्रतिशत और ग्यारसपुर में करीब 40 प्रतिशत ही बारिश हुई है। जबकि गंजबासौदा, लटेरी और सिरोंज में पिछले साल के बराबर बारिश हो चुकी है।

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