
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर बढ़ती इंसानी गतिविधियों और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से खुम्बु ग्लेशियर तेजी से पिघल रहा है। इसके पीछे की बड़ी वजह इंसानी पेशाब को माना जा रहा है, इससे आगामी समय में बड़े प्राकृतिक हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
नेपाली और अमेरिकी वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में पता चला है कि एवरेस्ट बेस कैंप पर जुटने वाली पर्वतारोहियों की भीड़, टेंटों से निकलने वाली गर्मी और इंसानी पेशाब हर साल क्लाइंबिंग सीजन के दौरान लगभग 2,500 टन बर्फ को पानी में तब्दील कर रही है।





