
कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपए का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब ‘छोटू’ सिलेंडर की रिफिल कीमत 813.50 रुपए हो गई है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं।
मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव
1. कॉमर्शियल सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा
• बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹994 रुपए तक महंगा कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹3071.50 हो गई है। पहले ये ₹2078.50 में मिल रहा था।
• असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
5 किलो वाला फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर 261 रुपए महंगा
FTL सिलेंडर की कीमत 261 रुपए बढ़कर 813.50 रुपए हो गई है। पहले इसकी कीमत 552.50 रुपए थी। 5 किलो घरेलू सिलेंडर के दाम अभी भी 339 रुपए पर स्थिर हैं। FTL सिलेंडर को छोटू सिलेंडर भी कहते हैं जिसे कोई भी बिना एड्रेस प्रूफ के ले सकता है। इनका ज्यादातर इस्तेमाल प्रवासी मजदूर, छात्रों या छोटे दुकानदार करते हैं।
2. ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम आज से लागू
बदलाव: देश में आज ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। इसके तहत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (OGAI) बनेगी। यह संस्था ऑनलाइन गेम्स को रेगुलेट करने, उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटने और उनकी मॉनिटरिंग का काम करेगी।
इसके तहत गेम्स को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। ऑनलाइन मनी गेम्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स। मनी गेम्स बैन है जबकि अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
अब विदेशी गेमिंग कंपनियां भी भारतीय कानूनों से बच नहीं पाएंगी। अगर कोई कंपनी भारत में सर्विस दे रही है, तो उसका मुख्यालय कहीं भी हो, उसे भारतीय नियमों का पालन करना होगा।
यूजर्स की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन गेम्स में उम्र की सीमा, पेरेंटल कंट्रोल और टाइम लिमिट जैसे फीचर्स होंगे। गेमिंग के दौरान होने वाले फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर भी नजर रखी जाएगी।
3. डीजल और हवाई ईंधन का निर्यात सस्ता होगा
बदलाव: केंद्र सरकार ने 1 मई से अगले 15 दिनों के लिए डीजल एक्सपोर्ट पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹23 प्रति लीटर कर दी है। अप्रैल में यह ₹55.5 थी।
वहीं ATF यानी, हवाई ईंधन पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹33 प्रति लीटर कर दी गई है। अप्रैल में यह ₹42 थी। इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन की परिभाषा बदलते हुए अब ATF में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग की अनुमति दे दी है।
असर: ड्यूटी कम होने से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों जैसे रिलायंस और नायरा को विदेशी बाजारों में ईंधन बेचना सस्ता पड़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में सुधार हो सकता है।
वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए आम जनता के लिए ईंधन की कीमतें स्थिर रहेंगी।
4. UAE आज से ओपेक और ओपेक प्लस से अलग हुआ
बदलाव: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1 मई से OPEC और OPEC+ से अलग हो गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक संगठन है, जो ग्लोबल मार्केट में करीब 40-50% तेल सप्लाई को कंट्रोल करता है और प्रोडक्शन कोटा तय कर कीमतें तय करता है।
असर: ओपेक की पाबंदियों से बाहर होने के बाद यूएई तेल उत्पादन बढ़ा सकेगा। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। भारत जैसे तेल आयातक देशों को अपनी तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने का मौका मिलेगा।




