बारिश के मौसम में ऑर्गैनिक सब्जियां अपने बालकनी में केसे उगाए?
आईए जानते हैं मानसून में अपनी छत या बालकनी में पौधे या सब्जियां लगाने का तरीका

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि। बरसात में पानी पर्याप्त मिलने के कारण पौधे खूब फलते-फूलते हैं, ऐसे में बालकनी में कम मेहनत के साथ ऑर्गैनिक सब्जियां उगाई जा सकती हैं।कि बरसात में पौधे तेजी से बढ़ते हैं, ऐसे में यह मौसम किचन गार्डन के लिए सबसे अनुकूल है। फिर यह तरीका न केवल पैसे की बचत करेगा, बल्कि मनपसंद की ताजी सब्जियां भी उपलब्ध करवाएगा। अगर आपके घर में छत या बालकनी का छोटा सा स्पेस खाली है तो आइए जानते हैं कैसे वहां ऑर्गैनिक सब्जियां उगाई जा सकती हैं। घर की छत या बालकनी को एक किचन गार्डन में बदला जा सकता है, जिसके लिए थोड़ी सी मेहनत और नियमित रहने की जरूरत है। इन सब्जियों को आसानी से घर पर उगाया जा सकता है
एक छोटा सा गमला लेकर उसमें मिट्टी, खाद और कोकोपीट भर देनी है। गमला अच्छे ड्रेनेज वाला होना चाहिए। अब बीजों को लगभग आधा इंच अंदर बो देना है, ध्यान रहे इन्हें गहराई में बोने से बचना है। फिर पौधे को पानी देने के बाद नियमित रूप से हर रोज छिड़काव करते रहें। टमाटर के पौधे को हर दिन 5-6 घंटे की धूप की जरूरत होती है। पालक के बीजों को कम से कम 24 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। 6-8 इंच गहरा और चौड़ा गमला लेकर उसमें पहले मिट्टी, खाद और कोकोपीट डालने के बाद बीज बो दें।
बीजों को मिट्टी के ऊपर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर बिखेर देना है।उसपर एक मिट्टी की परत डालकर पानी दें। गर्मियों में इसे तब पानी दें जब मिट्टी सूखने लगे। हल्की धूप और छाया वाली जगह पर भी यह पौधा बढ़ता है। धनिये के बीज लेकर उसे कॉटन के कपड़े में रखें और बेलन से टुकड़े कर लें। इन्हें भिगोकर रख पौधे के लिए 6 से 8 इंच गहरा गमला लेकर उसमें मिट्टी, खाद और कोकोपीट डाल देना है।
बीजों को गमले मेमन हर तरफ समान रूप से डाल दें और ऊपर मिट्टी की एक पतली सी परत डालें।उसमें इतना पानी दें कि मिट्टी गीली हो जाए और नियमित रूप से पानी देते रहें। ध्यान रहे कि इस पौधे को पर्याप्त धूप चाहिए होती है। हरी मिर्च एक पकी लाल मिर्च के बीजों को निकालकर अच्छे से सुखा लेना है। 10 से 12 इंच गहरा गमला लेकर उसमें मिट्टी, खाद और कोकोपीट डालें। पौधे की मिट्टी तैयार है! बीजों को आधा इंच की गहराई में बोने के बाद उसपर मिट्टी की हल्की सी परत से ढकना है। इस पौधे को समय-समय पर पानी देते रहें। ऐसी जगह रखें जहां धूप अच्छी आती हो।





