भाई का आरोप है कि बेटे की चाहत में ससुराल वालों ने ही उतारा मौत के घाट
आठ दिन पहले शासकीय क्वार्टर तैयार करवाकर उसे साजिश के तहत बुलाया गया

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, इंदौर। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इंजीनियर आरती यादव की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। आरती के भाई उपेंद्र जरिया ने नींद की गोलियां खिलाने के बाद फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है। उपेंद्र ने आरती के सास-ससुर पर साजिश का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। फांसी लगाने के कारण आरती को शुक्रवार दोपहर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उसने निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। उपेंद्र के अनुसार निलेश के कई महिलाओं से संबंध हैं। उसकी दो बेटियां हैं और उसे बेटे की चाहत थी। शासकीय कर्मचारी होने के कारण तीसरी संतान करना संभव नहीं था। इस कारण वह दूसरी शादी करना चाहता था।
प्रताड़ना के कारण आरती अभिनंदन नगर स्थित मायके में रहने आ गई थी। आठ दिन पहले ही शासकीय क्वार्टर तैयार करवाया गया और आरती को साजिश के तहत बुलाया गया। इसमें आरती के ससुर केशवसिंह यादव और सास रमणी भी शामिल हैं। वे बेटा न होने पर निलेश की दूसरी शादी करवाना चाहते थे। उपेंद्र के अनुसार, आरती को अस्पताल में भर्ती करवाने पर निलेश अपने भाई कमलेश के साथ वहां आया था। उसने खुद बताया था कि आरती ने नींद की गोलियां खाई थीं। रविवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद भाई शव लेकर गया और मालवा मिल मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। बेटियों यशी और अवनिका ने मुखाग्नि दी।
वह चार साल से अकेली रह रही थी। रविवार को पिता राधेश्याम इंदौर पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस के अनुसार अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आत्महत्या, हत्या और हादसे के सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है। रसोई में सब्जी कटी हुई थी। गैस चूल्हे का बर्नर निकला हुआ था। गैस का रिसाव भी हुआ था। पुलिस ने घर से मोबाइल जब्त कर लिया है।





