भारत में अंडों को बिना फ्रिज के और विदेशों में फ्रिज मे क्यों रखा जाता है? आइए जानते हैं
अंडे पर होती है एक नेचुरल सुरक्षा परत जो बैक्टीरिया, धूल और नमी को अंदर जाने से रोकती है।

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि | आपने कभी अंडों की खरीदारी भारत के साथ-साथ विदेशों में भी की होगी, तो आपने देखा होगा कि भारत के ज्यादातर सुपरमार्केट में अंडे खुले रैक पर रखे होते हैं। वहीं अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के सुपरमार्केट में अंडे फ्रिज में रखे मिलते हैं। यह देखकर आपके दिमाग में भी यह सवाल जरूर आया होगा कि क्या विदेशों के अंडे भारत के अंडों से अलग होते हैं, क्या?
मुर्गी जब भी अंडा देती है, तो उसके ऊपर क्यूटिकल नाम की एक बहुत पतली नेचुरल परत होती है। यह परत अंडे के छोटे-छोटे छेदों को बंद रखती है और बैक्टीरिया, धूल और नमी को अंदर जाने से रोकती है। भारत में ज्यादातर कमर्शियल अंडों को धोया नहीं जाता। अंडों पर लगी हल्की गंदगी को केवल ब्रश या कपड़े से साफ किया जाता है। इससे अंडे की नेचुरल सुरक्षा परत बनी रहती है और बैक्टीरिया के अंदर जाने का खतरा कम रहता है। इसके अलावा भारत में ज्यादातर लोग अपनी जरूरत के हिसाब से अंडे खरीदते हैं, जिसके चलते लोकल दुकानों, किराना स्टोर और बाजारों में अंडों का स्टॉक लगातार बदलता रहता है और ताजे अंडे आते रहते हैं।
वहीं अमेरिका जैसे कई देशों में अंडों को बाजार में भेजने से पहले अच्छी तरह धोकर साफ किया जाता है। इससे अंडे के ऊपर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया तो हट जाते हैं, लेकिन उनकी नेचुरल सुरक्षा परत भी निकल जाती है। इस परत के हटने के बाद बैक्टीरिया के अंडे के अंदर जाने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकने के लिए अंडों को फ्रिज में रखा जाता है।
ध्यान दें कि भारत में अंडों को बिना फ्रिज के रखा जा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें तेज धूप या बहुत ज्यादा गर्मी में रखा जाए। गर्मियों में ज्यादा तापमान अंडों की ताजगी जल्दी खत्म कर सकता है, इसलिए उन्हें ठंडी और हवादार जगह पर रखना बेहतर माना जाता है।





