
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने छत्तीसगढ़ में बारिश का नया दौर तेज होने के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर छत्तीसगढ़ में दिखाई देगा, जहां अगले तीन दिनों तक कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।इससे पहले बुधवार को प्रदेश में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। ओड़गी, वाड्रफनगर और डौरा कोचली में सात-सात सेंटीमीटर बारिश हुई। रघुनाथनगर, चलगली और कुसमी में पांच- पांच सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 12 घंटे में और स्पष्ट होने तथा इसके बाद अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। अगले चार दिनों तक क्षेत्र में मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन और लोगों को मौसम के बदलाव पर नजर रखने की जरूरत होगी। राजधानी में 13 अगस्त को आकाश सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है। एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। बुधवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रहा। दिन में आर्द्रता 91 प्रतिशत तक पहुंचने से उमस बनी रही। राजधानी में सुबह और शाम के समय बादलों की सक्रियता बढ़ने से स्थानीय स्तर पर वर्षा की संभावना बनी रहेगी।





