गृह विभाग में DSP पद के लिए भी प्रमोशन की कवायद तेज
10 साल का इंतजार खत्म होने से कर्मचारियों में भारी उत्साह

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि। प्रदेश में 10 साल बाद एक जुलाई से अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत करने का सिलसिला भले ही शुरू हो गया मगर यह आठ जुलाई तक गति नहीं पकड़ पाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों के हित से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लिया और विभागीय मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं ध्यान दें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को निगरानी का जिम्मा दे दिया। सभी विभागों से पदोन्नति की जानकारी ऑनलाइन देने के लिए कहा तो विभाग सक्रिय हो गए। दो दिन से विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें चल रही हैं। अकेले 11 हजार से अधिक पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत होने हैं। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों में भी पदोन्नतियां होनी हैं
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से पदोन्नति के लिए उपलब्ध पद और जारी पदोन्नति आदेश की जानकारी मांगी है। प्रतिदिन का ब्योरा लिया जा रहा है। सूत्रों का कहना अभी तक ऊर्जा विभाग द्वारा सर्वाधिक साढ़े चार हजार पदोन्नतियां की हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने छह सो, पशुपालन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा पांच से अधिक पदोन्नतियां की जा चुका हैं। अन्य विभागों में भी प्रक्रिया चल रही है। पुलिस में आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक, एएसआई से उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक से निरीक्षक स्तर तक पदोन्नति की सूची तैयार की जा रही है। एएसआई तक पदोन्नति जिला और बाकी पुलिस मुख्यालय करेगा। निरीक्षक से डीएसपी पद के लिए गृह विभाग में तैयारी चल रही है। राज्य लोक सेवा आयोग से समय लेकर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक की जाएगी।





