हाईकोर्ट ने ई-रिक्शा छूट पर केंद्र से मांगा जवाब
चार सप्ताह बाद मामले की अगली सुनवाई

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि जबलपुर। हाई कोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने बैटरी चालित ई-रिक्शा और अन्य वाहनों को मोटर व्हीकल एक्ट से मिली छूट को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने संकेत दिए हैं कि लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और उससे उत्पन्न यातायात अव्यवस्था की अब समीक्षा आवश्यक हो गई है। सोमवार को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को अंतिम अवसर देते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि शहरों में तेजी से बढ़ रहे बैटरी चालित वाहनों का ट्रैफिक व्यवस्था पर प्रभाव दिखाई दे रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दी गई छूट को वापस लेने या उसकी दोबारा समीक्षा करने पर विचार करना चाहिए। अदालत ने असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिए कि वह इस मामले में केंद्र सरकार से स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई में जानकारी दें।
यह जनहित याचिका जबलपुर निवासी डा. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार उपाध्याय ने पक्ष रखते हुए कहा कि बिना प्रभावी नियमन के बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा यातायात सुरक्षा, सड़क अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। कोर्ट के इस रुख के बाद अब केंद्र सरकार के जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं।





