जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सभी FIR सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कीं:नई FIR भी दर्ज नहीं होंगी
CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल किया।
हालांकि, सरकार ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले 2,873 लोग वहां पहुंचे थे। इनमें से जिन लोगों ने उस दौरान मारपीट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाया हो तो उन पर यह केस चलता रहेगा।
सुनवाई से पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर के मार्च को वापस ले लिया। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं से किए गए तीनों वादे पूरे करने के लिए सरकार वचनबद्ध है।
सरकार ने सोमवार को दाखिल किया था अंतरिम आवेदन
सरकार ने NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज FIR रद्द करने की दिल्ली पुलिस की याचिका 31 अगस्त को दायर की थी। यह अंतरिम आवेदन था।
किसी मुख्य मुकदमे/याचिका की सुनवाई चल रही हो, उसी दौरान किसी तत्काल या अस्थायी राहत के लिए कोर्ट में दिया गया आवेदन अंतरिम आवेदन कहलाता है।
सरकार ने सोमवार को दिए आवेदन में कहा था कि 25 जुलाई के फैसले के अनुसार दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों से जुड़ी 13 FIR को आगे नहीं चलाना चाहती।





