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ग्वालियरमध्यप्रदेश

लाइसेंस बनवाने को लेकर दलाल ने बताई थी ड्रग इंस्पेक्टर से साठगांठ

61 हजार रुपये में मय फार्मासिस्ट लाइसेंस बनकर मिल जाएगा

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में रुपये लेकर ड्रग लाइसेंस बनाए जाने के नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद शासन ने दतिया जिले के ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी के पास से ग्वालियर का अतिरिक्त चार्ज हटा दिया। इसको लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं और ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा को दोबारा जिम्मेदारी मिल गई है। दलाल मनोज मंगनानी और मोहित जैन से ग्राहक बनकर आन रिकार्डिंग पड़ताल की थी जिसमें मनोज मंगनानी ने यह दावा किया था कि ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी से उनकी पूरी सेटिंग है और 61 हजार रुपये में मय फार्मासिस्ट लाइसेंस बनकर मिल जाएगा। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया और भोपाल तक हलचल हुई। शासन ने इसके बाद उमेश रामचंदानी का प्रभार हटा दिया।

फार्मासिस्ट के 28 हजार-इंस्पेक्टर की रिश्वत 27 हजार शीर्षक से ड्रग लाइसेंस को लेकर चल रहे सेटअप का पर्दाफाश किया था। इसमें नईदुनिया की टीम ने दवा बाजार व मेडिकल स्टोरों पर ग्राहक बनकर पड़ताल की और इसी बीच मनोज मंगनानी नाम के व्यक्ति से संपर्क किया। मनोज से मेडिकल स्टोर रिटेल लाइसेंस बनवाने के लिए बात की। कई बार मोबाइल पर बात हुई और दो से तीन बार मुलाकात की।

मनोज मंगनानी ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी से पूरी सेटिंग है और फार्मासिस्ट के खर्च सहित 61 हजार रुपये का खर्च आएगा। मनोज मंगनानी ने कहा कि आवेदन करना है, यह भी बताया और जल्द काम करवाने की गारंटी भी ली।पिछले कुछ माह से निरीक्षण से लेकर सैंपलिंग की कार्रवाई भी नहीं हो रही थी और काम ठप जैसा पड़ा था। लाइसेंसिंग अथारिटी ड्रग इंस्पेक्टर रामचंदानी के पास थी और यहां आवेदन के लिए लोग आते थे तो लौट जाते थे।

 

 

 

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