फर्जी रसीदें और लोन स्टेटमेंट देकर ग्राहकों को करते हैं गुमराह
विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला, जांच शुरू

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के सिटी सेंटर स्थित आरबीए फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड में करीब 45 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी के दो पूर्व कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने लगभग 75 ग्राहकों से लोन की किस्तें वसूलने के बाद वह राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की, बल्कि अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। ग्राहकों को शक न हो, इसके लिए उन्हें फर्जी रसीदें और फर्जी लोन स्टेटमेंट भी जारी किए गए। मामले का खुलासा कंपनी के आंतरिक ऑडिट में हुआ। शिकायत के आधार पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आगरा निवासी जितेंद्र गर्ग आरबीए फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड में वाइस प्रेसिडेंट हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि जावेद खान कंपनी में क्रेडिट एंड कलेक्शन आफिसर तथा आकिब खान सेल्स एंड कलेक्शन आफिसर के पद पर कार्यरत थे। दोनों की जिम्मेदारी ग्राहकों से लोन की किस्तें वसूलकर कंपनी के खाते में जमा कराना थी। कंपनी प्रबंधन को तब संदेह हुआ, जब कुछ ग्राहकों ने शिकायत की कि किस्त जमा करने के बावजूद उन्हें कंपनी की अधिकृत रसीद नहीं मिली है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े से कंपनी को करीब 45 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। कंपनी का कहना है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से लंबे समय तक यह गड़बड़ी की, जिससे समय रहते इसका पता नहीं चल सका। विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने कंपनी की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, कूटरचना और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और ग्राहकों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपियों की भूमिका के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।





