
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाई कोर्ट से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। हाई कोर्ट के जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकल पीठ ने रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला अक्टूबर 2017 में सामने आए एक कथित अश्लील वीडियो/सीडी से संबंधित है, जिसमें तत्कालीन भाजपा सरकार के मंत्री राजेश मूणत की छवि खराब करने का आरोप है।
प्रारंभ में राज्य पुलिस और बाद में सीबीआई ने जांच की। सीबीआई ने दावा किया कि वीडियो मार्फ्ड था और भूपेश बघेल समेत अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा तथा आईटी एक्ट की धारा 67 ए के तहत चार्जशीट पेश की थी।मार्च 2025 में स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने भूपेश बघेल को इस केस से आरोपमुक्त कर दिया था, लेकिन बाद में रिवीजन कोर्ट ने इस डिस्चार्ज को पलट दिया था और पुन: सुनवाई शुरू की थी। भूपेश बघेल ने 24 जनवरी 2026 को सीबीआई स्पेशल कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें आरोपमुक्त करने के आदेश को रद कर नए आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे।
हाई कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई), रायपुर के समक्ष लंबित प्रकरण में भूपेश बघेल के खिलाफ आगे की सभी कार्यवाहियों पर आगामी आदेश तक रोक रहेगी। भूपेश बघेल की ओर से बहस में कहा गया कि यदि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने की अनुमति दी गई, तो हाई कोर्ट में दायर याचिका निष्प्रभावी हो जाएगी। अदालत ने ट्रायल पर रोक लगा दी।





