प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, कलेक्टर ने दिए निर्देश
शिक्षकों का कहना- इस प्रक्रिया में 15 से 20 दिन लगेंगे, पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि छत्तीसगढ़/ जगदलपुर। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है और शाला प्रवेशोत्सव के बाद एक जुलाई से स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू होनी है, लेकिन इससे पहले ही शिक्षकों को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है। नव प्रवेशी और कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाने में शिक्षकों को सहयोग करना होगा। पिछले दो-तीन वर्षों से यह जिम्मेदारी शिक्षकों को दी जा रही है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 दिनों का समय लग सकता है। सबसे अधिक परेशानी जिले की लगभग 300 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं में होगी, जहां एक ही शिक्षक को पांच कक्षाओं में पढ़ाने के साथ डिजिटल एप पर दैनिक रिपोर्टिंग और स्कूल संचालन की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है।
मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने नव प्रवेशी और कक्षा पहली के बच्चों के जाति प्रमाण पत्र को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलवार, कक्षावार और श्रेणीवार जानकारी तैयार करने के साथ प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्कूल जतन योजना, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, शिक्षा और खेल गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों को स्कूलों का नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। ये अधिकारी प्रत्येक माह के एक शनिवार को स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को कार्यालय से बाहर निकलकर योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। समय-सीमा की बैठक में देरी से पहुंचने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। राशन कार्ड के ई-केवाईसी का कार्य 15 जुलाई तक पूरा करने तथा ऑफलाइन राशन दुकानों को ऑनलाइन करने की समीक्षा भी की गई। वहीं, बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।





