रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा, युवक से 9.57 लाख रुपये ठगे
फर्जी रेलवे दस्तावेज तैयार कर मेडिकल व दस्तावेज सत्यापन तक का कराया नाटक

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, देवास। रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर देवास के एक युवक से 9.57 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने दो आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फरियादी तरुण सिंह निवासी जयप्रकाश नगर देवास ने शिकायत दर्ज कराई कि वह पिंडवाड़ा राजस्थान की एक सीमेंट फैक्ट्री में सेफ्टी आफिसर के रूप में कार्य करता था। इसी दौरान उसकी पहचान झारखंड के आदित्यपुर, जमशेदपुर निवासी अजीत कुमार सिंह से हुई थी। पिछले साल अक्टूबर में अजीत देवास आया और तरुण से कहा कि उसकी पहचान डोंबिवली मुंबई निवासी रोहित कुमार तिवारी से है और वह रेलवे ग्रुप सी में नौकरी दिलवाता है। आरोपित ने उसे तिवारी से मिलवाते हुए रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।
दोनों आरोपितों ने उसे रेलवे में भर्ती करवाने के लिए 10 लाख रुपये देने की मांग की। इसके बाद तरुण ने आरोपित को 1 लाख रुपये दिए। नवंबर 2025 में तरुण के घर स्पीड पोस्ट से रेलवे भर्ती बोर्ड का फर्जी लेटर आया, जिसमें उसे मुंबई के बायकला स्थित एक अस्पताल में मेडिकल करवाने संबंधी बात थी। उसने मुंबई पहुंचकर मेडिकल करवाया, जिसके कुछ दिन बाद घर पर पत्र आया जिसमें मुंबई रेलवे में रिपोर्टिंग के निर्देश थे। जब वह वापस मुंबई पहुंचा, तो डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं होने की बात कर तिवारी ने उसे वापस भेज दिया। इस बीच आरोपितों ने उससे 8 लाख 57 हजार रुपये अलग-अलग समय में ले लिए। कुछ दिनों तक दोनों आरोपितों ने टालमटोल के बाद अपने फोन बंद कर लिए, जिसके बाद तरुण को शंका हुई। उन्होंने मुंबई में डीआरएम कार्यालय पहुंचकर पता किया, जानकारी मिली कि उनको भेजे गए सभी पत्र और दस्तावेज फर्जी थे। आरोपितों ने फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए, मेडिकल परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया का भी नाटक रचा तथा अलग-अलग तारीखों में कुल 9.57 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद मामले की शिकायत औद्योगिक क्षेत्र पुलिस को की गई। पुलिस ने आरोपित रोहित तिवारी और अजीत कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





