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थ्रिफ्ट शॉपिंग का बढ़ता क्रेज, सस्ती कीमत में स्टाइलिश फैशन युवाओं की पहली पसंद

राजधानी में फैशन का ट्रेंड (New Fashion Trends) तेजी से बदल रहा है। अब युवतियां महंगे ब्रांडेड कपड़ों की बजाय थ्रिफ्ट और रीसेल फैशन को प्राथमिकता दे रही हैं। न्यू मार्केट और एमपी नगर जैसे प्रमुख बाजारों के साथ-साथ इंस्टाग्राम आधारित लोकल थ्रिफ्ट स्टोर्स (Thrift Fashion) का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। कम कीमत में ट्रेंडिंग और यूनिक कपड़े मिलने के कारण यह विकल्प युवाओं के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है।

क्यों पसंद आ रहा है थ्रिफ्ट फैशन

थ्रिफ्ट शॉपिंग का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी किफायती कीमत है। जहां ब्रांडेड टॉप या ड्रेस की कीमत 1500 से 3000 रुपये तक होती है, वहीं थ्रिफ्ट स्टोर्स में यही कपड़े 200 से 800 रुपये में मिल जाते हैं। इसके अलावा, यूनिक और विंटेज स्टाइल का अलग आकर्षण भी युवाओं को अपनी ओर खींच रहा है। सस्टेनेबल फैशन की सोच भी इस ट्रेंड को मजबूत बना रही है, क्योंकि इससे कपड़ों की बर्बादी कम होती है। हालांकि, तेजी से बदलते ट्रेंड के चलते बार-बार नए कपड़े खरीदने का दबाव भी बना रहता है।

थ्रिफ्ट फैशन क्या होता है?

थ्रिफ्ट फैशन वह स्टाइल है जिसमें लोग नए कपड़े खरीदने के बजाय पहले इस्तेमाल किए गए (सेकेंड हैंड) कपड़ों को कम कीमत पर खरीदते और पहनते हैं। ये कपड़े अक्सर अच्छे ब्रांड्स, विंटेज डिज़ाइन या ट्रेंडिंग स्टाइल के होते हैं, जिन्हें लोग दोबारा बेचते हैं। थ्रिफ्ट शॉपिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, लोकल स्टोर्स या मार्केट में की जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम खर्च में स्टाइलिश कपड़े मिल जाते हैं। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है, क्योंकि इससे कपड़ों की बर्बादी कम होती है और सस्टेनेबल फैशन को बढ़ावा मिलता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में विस्तार

भोपाल में थ्रिफ्ट शॉपिंग अब केवल दुकानों तक सीमित नहीं रही है। न्यू मार्केट और एमपी नगर में ऑफलाइन विकल्प उपलब्ध हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर सक्रिय लोकल सेलर्स भी युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। ये सेलर्स ट्रेंडिंग और किफायती कपड़े उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे ग्राहकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में सुविधा मिल रही है।

चुनौतियां भी मौजूद

हालांकि थ्रिफ्ट शॉपिंग के साथ कुछ समस्याएं भी जुड़ी हैं। कपड़ों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। सही साइज मिलना भी एक चुनौती होता है। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी और नो-रिटर्न पॉलिसी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं, जिससे खरीदारों को नुकसान हो सकता है।

बिजनेस के नए अवसर

थ्रिफ्ट फैशन अब एक उभरता हुआ बिजनेस मॉडल बनता जा रहा है। खासकर युवतियां सोशल मीडिया के माध्यम से अपने रीसेल पेज शुरू कर रही हैं। कम निवेश में सेकेंड हैंड कपड़े खरीदकर उन्हें ऑनलाइन बेचने से कमाई का अवसर मिल रहा है।

को-फाउंडर वत्सल शर्मा और युग मेहता बताते हैं कि उन्होंने नवंबर 2025 में ‘जेड थ्रिफ्ट’ नाम से कंपनी शुरू की। उनके अनुसार, फास्ट फैशन के बढ़ते ट्रेंड के चलते लोग सस्ते और ट्रेंडिंग कपड़ों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। भारत अब सेकेंड हैंड कपड़ों का बड़ा हब बन चुका है, जहां कोरिया, थाईलैंड और अमेरिका से कपड़े आयात होते हैं। विशेष रूप से 15 से 20 वर्ष के युवाओं में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए, तो भोपाल भी मेट्रो शहरों की तरह बड़ा थ्रिफ्ट और फैशन हब बन सकता है। फिलहाल, शहर में इस ट्रेंड की रफ्तार तेज है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की संभावना है।

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