इजरायल-ईरान वॉर की वजह से रुकी ड्रायफ्रूट्स की खेप, रमजान महीने में बढ़ गए दाम

ईरान और अमेरिका व इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर ड्रायफ्रूट्स व खजूर की कीमतों पर भी नजर आने लगा है। युद्ध के कारण इनकी खेप रुकने के कारण दामों में उछाल आया है। बाजार में 120 रुपये से तीन हजार तक की कीमत वाले खजूर उपलब्ध हैं। बीते कुछ दिन में 200 रुपये किलो वाले खजूर 300 तक पहुंच गए हैं। इसी तरह ड्रायफ्रूट्स के दामों में भी वृद्धि हुई है।
इन दिनों रमजान का महीना चल रहा है। मुस्लिम समाज के लोग रोजा इफ्तार व सेहरी में खजूर का ज्यादा उपयोग करते हैं। बुरहानपुर जिले में रमजान माह में ही करीब 50 टन से ज्यादा खजूर की खपत होती है।
व्यापारियों को चिंता है कि यदि युद्ध नहीं थमा तो दाम और बढ़ सकते हैं। ड्रायफ्रूट के व्यापारी समीर बागवान के अनुसार उनके पास दस दिन का स्टाक ही बचा है।
खाड़ी देशों से आता है अधिकांश माल
व्यापारियों ने बताया कि भारत में 90 प्रतिशत खजूर और ड्रायफ्रूट्स की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है। इनमें ईरान, इराक, दुबई, सऊदी अरब सहित अन्य देश शामिल हैं। इस साल रमजान में खजूर की करीब 70 वैरायटियां उपलब्ध कराई गई हैं। रोजेदारों की पहली पसंद कीमिया खजूर होता है। बताया जाता है कि इसका स्वाद सबसे अलग होता है।





