बढ़ रहा संक्रमण का जोखिम,लक्षणों को न करें नजरअंदाज
मानसून में बहुत जरूरी है त्वचा की देखभाल

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल में मानसून की सक्रियता के चलते पिछले दो-तीन दिनों से शहर में रुक-रुक कर रिमझिम वर्षा और फुहारों का दौर जारी है। वर्षा की इन हल्की फुहारों के बीच महाराज बाड़ा, फूलबाग और सिटी सेंटर जैसे व्यस्त इलाकों में घूमना और वाहन चलाना लोगों को सुकून तो दे रहा है, लेकिन यही मौसम स्वास्थ्य, विशेषकर त्वचा यानि स्किन के लिए कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आ रहा है।
अचानक आने वाली फुहारों से अक्सर राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों के कपड़े हल्के भीग जाते हैं। लोग अक्सर इसे मामूली समझकर उन्हीं कपड़ों में घंटों काम करते रहते हैं या बिना पूरी तरह सुखाए नमी वाले कपड़े पहन लेते हैं। रिटायर सिविल सर्जन डॉक्टर नागेंद्र ऋषिश्वर का कहना है कि यह लापरवाही त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसलिए वर्षा के मौसम में सावधानी बरतनी जरूरी है।
ऐसे में जब कपड़े फुहारों से भीगते हैं या धोए गए कपड़े धूप न निकलने के कारण ठीक से नहीं सूख पाते, तो उनमें नमी बनी रहती है। नमी वाले कपड़े शरीर से चिपके रहने पर त्वचा को सांस लेने का मौका नहीं मिलता। पसीने और बाहरी नमी के मिलने से त्वचा में फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन तेजी से पनपने लगता है।





