भोपाल में 900 कर्मचारियों की फेस अटेंडेंस ID ब्लॉक
बिना हाजिरी वेतन उठाने वालों का सैलरी पेमेंट रोका

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, भोपाल। फेस अटेंडेंस में लगातार कम उपस्थिति दर्ज कराने वाले कर्मचारियों पर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने 900 कर्मचारियों की अटेंडेंस आईडी ब्लॉक की है। इन कर्मचारियों ने पूरे महीने में पांच दिन या उससे कम दिन ही फेस अटेंडेंस के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें भी करीब 800 कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी दिन फेस अटेंडेंस नहीं लगाई थी। इनमें इंजीनियर, एआरआई, एलडीसी, विनियमित कर्मचारी और 29 दिवसीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शामिल हैं। आईडी ब्लॉक होने से ये कर्मचारी फिलहाल हाजिरी दर्ज नहीं कर पा रहे हैं और इस महीने का वेतन भी रोक दिया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कर्मचारियों को पहले अपने विभागाध्यक्ष (एचओडी) के माध्यम से निगम आयुक्त संस्कृति जैन के समक्ष उपस्थित होकर अपनी कार्यस्थली और जिम्मेदारियों की जानकारी देनी होगी। संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही उनकी अटेंडेंस आईडी दोबारा चालू की जाएगी और वेतन जारी होगा।
सूत्रों के मुताबिक, फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के बाद पिछले वर्ष कर्मचारियों के विरोध के कारण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी थी। कई महीनों तक ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से उपस्थिति दर्ज होती रही और नियमित रूप से वेतन भी जारी होता रहा। इसके बाद अब निगम प्रशासन ने उपस्थिति के रिकॉर्ड की समीक्षा कर कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई की जद में केवल दैनिक वेतनभोगी ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों में पदस्थ इंजीनियर, राजस्व विभाग के एआरआई, वार्ड प्रभारी और जोनल अधिकारी भी आए हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित कर्मचारियों से यह स्पष्ट कराया जाएगा कि वे वर्तमान में किस स्थान पर और किस कार्य के लिए तैनात हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि बड़ी संख्या में निगम कर्मचारी मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधियों और अन्य कार्यालयों में संबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती का भी सत्यापन किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, फेस अटेंडेंस के रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। जिन कर्मचारियों की उपस्थिति पांच दिन या उससे कम रही, उनकी आईडी तत्काल ब्लॉक कर दी गई। वहीं, सीमित उपस्थिति वाले अन्य कर्मचारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि अपेक्षाकृत अधिक उपस्थिति दर्ज कराने वालों को अंतिम अवसर दिया गया है।





